Skip to content

Tag: Women Empowerment

नारी सम्मान

ऐ नारी, तू क्यों समझे है खुद को बेचारी ज़िन्दगी भी तुमसे है तुम्ही से है ये दुनियादारी छोड़ तू अब, रोना धोना दूर कर अपनी लाचारी ऐ नारी, तुझे सबकी पड़ी क्यूँ है? साथ सबके तू खड़ी क्यूँ है ? समझे ना जो तेरा दुःख मिटाती क्यों है तू उसकी भूख? ऐ नारी, सुन तू बात हमारी काम ना आएगा ये तेरा, दबी आवाज़ में बोलना चुप क्यूँ है बोल तू, घाव के पोल खोल ना ऐ नारी, तू समझ अपनी भी जिम्मेदारी मन को तेरे छू ना पाया… Read more नारी सम्मान

मूक (Mute)

यह कहानी कहें तो हिंदुस्तान के हर चौथे घर की है, खास कर गाँवों में यह अधिक मात्रा में देखी जा सकती है। यह कहानी एक जमींदार परिवार से शुरू होती है, जिनके पूर्वज कभी राजा-रजवाड़े हुआ करते थे। इस महल में महिलाओं की अहमियत एक मूर्ति के समान है, अर्थात् जिस प्रकार हम मूर्ति के पास हमेशा कुछ माँगने के उद्देश्य से ही जाते हैं, कुछ उन्हें दे तो सकते नहीं या फिर समझ लेते हैं कि इन्हें प्रसाद और माला से अधिक कुछ चाहिए ही नहीं। पर ऐसा… Read more मूक (Mute)