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Tag: Mute

मूक (Mute)

यह कहानी कहें तो हिंदुस्तान के हर चौथे घर की है, खास कर गाँवों में यह अधिक मात्रा में देखी जा सकती है। यह कहानी एक जमींदार परिवार से शुरू होती है, जिनके पूर्वज कभी राजा-रजवाड़े हुआ करते थे। इस महल में महिलाओं की अहमियत एक मूर्ति के समान है, अर्थात् जिस प्रकार हम मूर्ति के पास हमेशा कुछ माँगने के उद्देश्य से ही जाते हैं, कुछ उन्हें दे तो सकते नहीं या फिर समझ लेते हैं कि इन्हें प्रसाद और माला से अधिक कुछ चाहिए ही नहीं। पर ऐसा… Read more मूक (Mute)